guldasta

guldasta
मुझे बचपन से ही साहित्य और काव्यलेखनमे रुचि थी पर मै कुछ दिनों तक स्टेट बैंक मे कार्यरत होने की वजह से और बच्चे छोटे थे इसलिये समय कम मिला इसलिये मैने अपना ये  छंद ऐच्छिक  सेवानिवृती के बाद फिरसे शुरु किया।      मेरी कविताये  मुख्यत: निसर्ग के उपर, देशभक्तिपर,या कोई ज्वलंत समस्याओंपर होती है । निसर्ग हमे बहोत कुछ सिखाता है वो हमारा एक अध्यापक ही है। इस बुकमे  सुरों की मलिका...More

You may also like...

Samvedana

Poetry Marathi

Krishnamegh

Poetry Marathi

Akantnu Ajavalu

Poetry Gujarati

sapne me aana maa

Family Social Stories Hindi

Odh Manachi

Microfiction Poetry Marathi

MORPINCHH – DIPOTSAVI VISHESHANK - 2022

Comics & Magazines Poetry Short Stories Gujarati