gyan ki gunj

gyan ki gunj
ज्ञान तो अमूल्य है, दुर्लभ है यह अतुल्य है। कोटि कोटि तप लिए, ज्ञान ज्योति पुंज है। ज्ञान तो अमूल्य है, दुर्लभ है यह अतुल्य है। ढूंढती इधर उधर, कहीं नही मिला मगर। ग्रंथ में,  कुरान में, बाइबिल में है भला किधर। ज्ञान तो अमूल्य है, दुर्लभ है यह अतुल्य है। पढ़  रही विज्ञान को, पढ़ा है दर्शन ध्यान को। साहित्य व इतिहास को, योग तप निनाद को। ज्ञान तो अमूल्य है, दुर्लभ है यह...More

You may also like...

Chandroday

Poetry Marathi
SHVASE PANGARYU SHUNYAVAKASH 7.0

Aswad Purnatecha

Poetry Marathi

pita ko samarpit

Family Poetry Hindi

Kamayani

Mythology Poetry Hindi

Premtarang

Poetry Romance Marathi