Ret Samadhi

Ret Samadhi
अस्सी की होने चली दादी ने विधवा होकर परिवार से पीठ कर खटिया पकड़ ली। परिवार उसे वापस अपने बीच खींचने में लगा। प्रेम, वैर, आपसी नोकझोंक में खदबदाता संयुक्त परिवार। दादी बजि़द कि अब नहीं उठूँगी। फिर इन्हीं शब्दों की ध्वनि बदलकर हो जाती है अब तो नई ही उठूँगी। दादी उठती है। बिलकुल नई। नया बचपन, नई जवानी, सामाजिक वर्जनाओं-निषेधों से मुक्त, नए रिश्तों और नए तेवरों में पूर्ण स्वच्छन्द। हर...More

‘रेत समाधि' (Tomb of Sand) विश्व की उन 13 पुस्तकों में शामिल है, जिसे अंतरराष्ट्रीय बुकर पुरस्कार (International Booker Prize) के लिए संक्षिप्त सूची में शामिल किया गया है.

You may also like...

udane ko aakash

Family Poetry Hindi

Laaganina Lisota

Family Short Stories Social Stories Gujarati
Shriman Yogi 10.0

Shriman Yogi

Biography & True Account Novel Marathi

MAITRI KARAR

Novel Social Stories Gujarati

The Great Gatsby

Novel Romance Social Stories English

The Secret of the Nagas

Historical Fiction & Period Mythology Novel English