Milkiyat

Milkiyat
स्त्री के हाथों में सजी माणिक - अंगूठी व सुर्ख चूड़ियां पर अंकित वो नाम तलाश करना चाहती थी ..! मर्माहत हृदय में संवेदना उमड़ रही थीं ..! लेकिन स्वर बहुत ही संतुलित था ..! आवाज में थोड़ी नरमी लाते हुए बोली ...",जी ...आप जो भी हों मुझे आपके कहने का आशय स्पष्ट नहीं ..! आपने अपने घर को स्त्री दायित्वों से सींचा है ..! जहां तक है कि, स्त्री जहां वास करती है वह स्थान स्वयं ही पवित्र है , वह वहां रचना करती है...More

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